40 की उम्र के बाद नाखूनों पर ये रेखाएँ दिखें तो यह किसी छिपी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है
नाखून सिर्फ सुंदरता का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे आपके शरीर की अंदरूनी सेहत के बारे में भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। खासकर 40 की उम्र के बाद नाखूनों की बनावट, रंग और उन पर उभरने वाली रेखाएँ कई बार सामान्य उम्र बढ़ने का असर होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये किसी पोषण कमी, बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की ओर भी इशारा कर सकती हैं।
नीचे नाखूनों पर दिखाई देने वाली अलग-अलग रेखाओं और उनके संभावित अर्थ को सरल तरीके से समझाया गया है।
1. लंबवत रेखाएँ (Vertical Ridges)
आमतौर पर हानिरहित

ये रेखाएँ नाखून की जड़ से ऊपरी किनारे तक सीधी दिखाई देती हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह बदलाव काफी सामान्य माना जाता है।
इसका क्या मतलब हो सकता है?
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, नाखून बनाने वाली संरचना यानी नेल मैट्रिक्स की गति धीमी हो सकती है। इसके कारण नाखूनों पर उभरी हुई लंबी धारियाँ दिखाई देने लगती हैं।
कब सावधान होना चाहिए?
अगर ये रेखाएँ बहुत गहरी हो जाएँ, रंग बदलने लगें, या नाखून आसानी से टूटने लगें, तो यह निम्न समस्याओं से जुड़ा हो सकता है:
- विटामिन या मिनरल की कमी
- आयरन
- विटामिन B12
- मैग्नीशियम
- शरीर में पानी की कमी
- रक्त संचार का कमजोर होना
2. क्षैतिज रेखाएँ (Beau’s Lines)
यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर संकेत हो सकता है
ये रेखाएँ नाखून पर एक तरफ से दूसरी तरफ तक आड़ी दिशा में बनती हैं। अक्सर यह बताती हैं कि किसी समय नाखून की वृद्धि अचानक प्रभावित हुई थी।
इसका क्या अर्थ है?
जब शरीर किसी बड़े तनाव, बीमारी या शारीरिक झटके से गुजरता है, तो कुछ समय के लिए नाखूनों की सामान्य बढ़त रुक सकती है। उसी रुकावट का निशान बाद में क्षैतिज रेखा के रूप में दिखाई देता है।
संभावित कारण
- गंभीर बीमारी या संक्रमण
- COVID-19
- फ्लू
- निमोनिया
- डायबिटीज या ब्लड शुगर का खराब नियंत्रण
- थायरॉइड संबंधी विकार
- कीमोथेरेपी
- अत्यधिक शारीरिक तनाव
- कुपोषण
- जिंक की कमी
महत्वपूर्ण बात
Beau’s lines अक्सर यह स्पष्ट संकेत देती हैं कि आपका शरीर हाल ही में किसी गंभीर तनाव या बीमारी से गुजरा है और उस दौरान नाखून की वृद्धि अस्थायी रूप से रुक गई थी।
3. नाखून के नीचे गहरी काली रेखा (Melanonychia)
यह त्वचा कैंसर का संकेत भी हो सकती है
यदि किसी एक नाखून के नीचे गहरे रंग की लंबवत रेखा दिखाई दे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
यह क्या दर्शाती है?
नाखून के नीचे बनने वाली काली या गहरी भूरी पट्टी कभी-कभी Subungual Melanoma का संकेत हो सकती है, जो त्वचा कैंसर का एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक प्रकार है।
किसमें ज्यादा देखने को मिल सकता है?
- 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका जोखिम अधिक हो सकता है
इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं
- चोट लगना
- कुछ दवाओं का प्रभाव
लेकिन अगर यह रेखा समय के साथ:
- गहरी होती जाए
- चौड़ी होने लगे
- किनारों से फैलने लगे
- रंग में असमान दिखे
तो तुरंत विशेषज्ञ से जाँच करानी चाहिए।
क्या करें?
अगर रेखा गहरे रंग की, अनियमित या फैलती हुई दिखे, तो बिना देर किए त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलें।
4. सफेद रेखाएँ या धब्बे (Leukonychia)
सफेद धब्बे या रेखाएँ नाखूनों पर काफी आम होती हैं और हमेशा गंभीर नहीं होतीं।
आम कारण
- हल्की चोट
- जिंक की कमी
अगर यह बार-बार बने या कई नाखूनों में फैल जाएँ, तो यह संकेत हो सकता है:
- लिवर रोग
- शरीर में प्रोटीन या एल्ब्यूमिन का कम स्तर
5. लाल या भूरे पतले निशान (Splinter Hemorrhages)
ये नाखून के नीचे बहुत बारीक लाल, भूरे या काले जैसे रक्त-रेखाओं की तरह दिखाई दे सकते हैं।
ये किसका संकेत हो सकते हैं?
- हृदय में संक्रमण, जैसे एंडोकार्डाइटिस
- ऑटोइम्यून रोग
- उच्च रक्तचाप
- चोट या आघात
नाखूनों में बदलाव दिखें तो क्या करें?
नाखूनों को भी उसी तरह ध्यान से देखें जैसे आप अपनी त्वचा या आँखों का ध्यान रखते हैं। कई बार शरीर के भीतर चल रही समस्याओं के शुरुआती संकेत नाखूनों पर ही दिखाई देने लगते हैं।
आपको क्या करना चाहिए?
- नाखूनों में नए बदलावों पर नजर रखें
- गहरी, नई, चौड़ी या फैलती हुई रेखाओं को नजरअंदाज न करें
- अगर रेखाओं के साथ रंग बदलना, टूटना या मोटाई में बदलाव दिखे, तो जाँच कराएँ
किन जाँचों पर विचार किया जा सकता है?
यदि नाखूनों पर असामान्य रेखाएँ बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर निम्न जाँच की सलाह दे सकते हैं:
- विटामिन की कमी की जाँच
- विटामिन B12
- आयरन
- जिंक
- थायरॉइड फंक्शन टेस्ट
- ब्लड शुगर या A1C
- लिवर फंक्शन
- किडनी फंक्शन
अंतिम बात
40 के बाद नाखूनों पर रेखाएँ दिखना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता, क्योंकि कई बदलाव उम्र बढ़ने के साथ स्वाभाविक रूप से आते हैं। फिर भी कुछ खास प्रकार की रेखाएँ, विशेषकर गहरी, फैली हुई, रंग बदली हुई या अचानक बनी रेखाएँ, शरीर की किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती हैं। इसलिए नाखूनों में होने वाले बदलावों को समझना और समय पर जाँच कराना आपकी समग्र सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


