स्वास्थ्य

60 से अधिक उम्र? आपकी कॉफी में यह मांसपेशियों की कमी को रोकता है

60 से ऊपर हैं? अपनी सुबह की कॉफी में यह मिलाएँ—मांसपेशियों की कमी को धीमा करने में मदद

60 वर्ष की उम्र के बाद मांसपेशियों की मात्रा (मसल मास) बनाए रखना स्वास्थ्य के सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक बन जाता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत कम हो सकती है, मांसपेशियाँ धीरे-धीरे घटती हैं और रोज़मर्रा के काम—जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना, उठना-बैठना या लंबा चलना—पहले से अधिक कठिन लग सकते हैं।
हालाँकि यह प्रक्रिया प्राकृतिक है, लेकिन कुछ शोध और विशेषज्ञों की सलाह—जिसमें डॉ. फ्रैंक सुवारेज़ के वेलनेस दृष्टिकोण की चर्चा भी शामिल है—इशारा करती है कि सही भोजन और आदतें इस गिरावट को धीमा करने में सहायक हो सकती हैं।

इनमें एक आसान आदत है: सुबह की कॉफी में हाइड्रोलाइज़्ड कोलेजन प्रोटीन मिलाना।

बुज़ुर्गों के लिए कोलेजन क्यों मददगार माना जाता है?

कोलेजन शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है। यह मांसपेशियों, टेंडन, जोड़ों और हड्डियों के ढाँचे को सहारा देने में भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कोलेजन का प्राकृतिक उत्पादन घटने लगता है, जिससे कमज़ोरी, गतिशीलता में कमी और जोड़-संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

60 से अधिक उम्र? आपकी कॉफी में यह मांसपेशियों की कमी को रोकता है

हाइड्रोलाइज़्ड कोलेजन लेने पर संभावित लाभ:

  • मांसपेशियों की रिकवरी में सहायता
  • ताकत बनाए रखने में योगदान
  • जोड़ों के स्वास्थ्य को सपोर्ट
  • संतुलित आहार के साथ मिलकर मसल मास सपोर्ट करने में मदद

सुबह की कॉफी में 1 स्कूप/1 चम्मच कोलेजन मिलाना कई लोगों के लिए इसलिए भी व्यावहारिक है क्योंकि इससे प्रोटीन सेवन बढ़ता है और रोज़ की दिनचर्या में बड़ा बदलाव नहीं करना पड़ता।

इसे कैसे लें?

  • गर्म कॉफी में हाइड्रोलाइज़्ड कोलेजन की 1 चम्मच डालें
  • अच्छी तरह मिलाएँ जब तक यह घुल न जाए
  • इसे संतुलित नाश्ते के साथ लें, जैसे:
    • फल
    • प्रोटीन स्रोत
    • स्वास्थ्यकर कार्बोहाइड्रेट

महत्वपूर्ण बात

कोलेजन जैसे सप्लीमेंट लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन यह पूरे पोषण या स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं है। हर व्यक्ति की ज़रूरतें अलग होती हैं—विशेषकर यदि कोई पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या, दवा या पोषण संबंधी कमी से गुजर रहा हो।

कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने या डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।