शरीर में यूरिक एसिड कम करने के प्राकृतिक तरीके
शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता के कारण गाउट (गठिया), किडनी में पथरी और जोड़ों में सूजन जैसी दर्दनाक समस्याएँ हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ साधारण खान–पान और जीवनशैली में बदलाव करके यूरिक एसिड के स्तर को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
यहाँ यूरिक एसिड कम करने के 8 प्रभावी उपाय दिए जा रहे हैं:
1. पर्याप्त पानी पिएँ
क्यों ज़रूरी है:
भरपूर पानी पीने से यूरिक एसिड पेशाब के साथ आसानी से बाहर निकलता है। अच्छी हाइड्रेशन से किडनी बेहतर काम करती है और शरीर में यूरिक एसिड जमा नहीं होने पाता।
कितना पिएँ:

- दिन भर में लगभग 8–10 गिलास पानी का लक्ष्य रखें।
- चाहें तो हर्बल चाय या फलों–सब्जियों से तैयार डिटॉक्स/इन्फ्यूज़्ड पानी भी शामिल कर सकते हैं।
2. प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को सीमित करें
क्यों ज़रूरी है:
प्यूरीन नामक तत्व शरीर में टूटकर यूरिक एसिड में बदल जाता है। ज्यादा प्यूरीन वाले भोजनों की मात्रा घटाने से यूरिक एसिड बनने की प्रक्रिया कम हो जाती है।
किन चीज़ों से परहेज़ करें:
- लाल मांस (जैसे मटन, बीफ़)
- जानवरों के अंगों का मांस (जिगर, किडनी आदि)
- शेलफिश (झींगा, केकड़ा आदि)
- तैलीय मछलियाँ (जैसे सार्डिन, मैकरल)
बेहतर विकल्प:
- सीमित मात्रा में चिकन या मछली जैसे कम वसा वाले प्रोटीन
- पनीर, टोफू
- दालें, राजमा, चना आदि (मात्रा नियंत्रित रखें)
3. कम प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थ अधिक खाएँ
क्यों ज़रूरी है:
कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो यूरिक एसिड के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं और शरीर को ज़रूरी पोषण भी देते हैं।
सर्वश्रेष्ठ विकल्प:
- सब्जियाँ: ब्रोकली, फूलगोभी, पालक, लौकी, टिंडा आदि
- कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स: स्किम्ड दूध, लो-फैट दही, पनीर – ये यूरिक एसिड कम करने से जुड़े पाए गए हैं
- साबुत अनाज: ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ, ज्वार, बाजरा
4. मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएँ
क्यों ज़रूरी है:
बहुत अधिक चीनी, खासकर फ्रुक्टोज (जैसे कॉर्न सिरप, सॉफ्ट ड्रिंक्स में), यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है। पैकेट वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में अक्सर छुपी हुई चीनी और अस्वस्थ वसा होती है।
इनसे बचें:
- कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस
- कैंडी, टॉफी, चॉकलेट
- केक, पेस्ट्री, बिस्किट
- सफेद ब्रेड और रिफाइंड मैदा से बने फास्ट फूड
5. आहार में चेरी शामिल करें
क्यों ज़रूरी है:
चेरी में एन्थोसाइनिन नामक तत्व पाए जाते हैं जो सूजन को कम करते हैं और यूरिक एसिड को घटाने में सहायक माने जाते हैं। गाउट के मरीजों के लिए चेरी उपयोगी साबित हो सकती है।
कैसे लें:
- रोज़ाना लगभग ½ कप ताज़ी चेरी या
- बिना अतिरिक्त चीनी वाला खट्टी चेरी का जूस की थोड़ी मात्रा (डॉक्टर/डाइटीशियन से परामर्श के अनुसार)
6. अल्कोहल का सेवन सीमित करें
क्यों ज़रूरी है:
अल्कोहल, खासकर बीयर और हार्ड ड्रिंक्स, प्यूरीन के मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाती हैं, जिससे यूरिक एसिड और तेज़ी से बनने लगता है। यह गाउट के दौरे का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- यदि संभव हो तो अल्कोहल से पूरी तरह परहेज़ करें।
- यदि कभी–कभार लेते हैं तो मात्रा बहुत कम रखें और साथ में पर्याप्त पानी पिएँ।
- बीयर और ज़्यादा स्ट्रॉन्ग ड्रिंक्स से विशेष रूप से बचें।
7. विटामिन C का सेवन बढ़ाएँ
क्यों ज़रूरी है:
विटामिन C किडनी की कार्यक्षमता को सहारा देकर यूरिक एसिड के उत्सर्जन (excretion) को बेहतर बना सकता है। कई शोधों में यह देखा गया है कि विटामिन C लेने वालों में यूरिक एसिड का स्तर कुछ हद तक कम हो सकता है।
प्राकृतिक स्रोत:
- खट्टे फल: संतरा, मौसमी, नींबू, कीनू
- शिमला मिर्च (विशेषकर लाल और पीली)
- स्ट्रॉबेरी, कीवी, अमरूद
- आंवला और अन्य विटामिन C–समृद्ध फल
पूरक (सप्लिमेंट):
- यदि भोजन से पर्याप्त विटामिन C नहीं मिल पाता, तो लगभग 500 mg विटामिन C सप्लिमेंट लिया जा सकता है।
- किसी भी सप्लिमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
8. स्वस्थ वजन बनाए रखें
क्यों ज़रूरी है:
अत्यधिक वजन और मोटापा किडनी की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे वे यूरिक एसिड को प्रभावी रूप से बाहर नहीं निकाल पातीं। वजन घटाने से मेटाबॉलिज़्म हल्का होता है और किडनी पर दबाव कम होता है।
कैसे करें:
- संतुलित और पोषक आहार अपनाएँ (कम तेल, कम चीनी, अधिक फाइबर)
- सप्ताह में कम से कम 4–5 दिन, 30–40 मिनट हल्का–फुल्का व्यायाम (जैसे तेज़ चाल से चलना, योग, हल्का जॉगिंग) करें
- अचानक बहुत तेज़ वजन घटाने की बजाय धीरे–धीरे, स्थायी वजन कम करने पर ध्यान दें ताकि यूरिक एसिड अचानक न बढ़े
अतिरिक्त (बोनस) सुझाव
1. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar) शामिल करें
- रोज़ाना 1 गिलास पानी में लगभग 1 बड़ा चम्मच ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर ले सकते हैं।
- यह शरीर को हल्का अल्कलाइन बनाने और डिटॉक्सिफिकेशन में सहायक माना जाता है।
- यदि आपको पेट, किडनी या कोई अन्य क्रॉनिक समस्या है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।
2. ग्रीन टी पिएँ
- ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- नियमित रूप से 1–2 कप ग्रीन टी लेने से यूरिक एसिड और गाउट के जोखिम में थोड़ी मदद मिल सकती है।
3. बेकिंग सोडा का सीमित उपयोग
- आधा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में घोलकर कभी–कभार लिया जाता है, ताकि शरीर की एसिडिटी को कुछ हद तक न्यूट्रल किया जा सके।
- यह तरीका हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है, विशेषकर जिनको हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हार्ट की समस्या हो।
- इसे अपनाने से पहले डॉक्टर से स्पष्ट रूप से परामर्श लेना बिल्कुल ज़रूरी है।
क्या खाएँ और किन चीज़ों से बचें
खाने लायक (Foods to Embrace) बनाम परहेज़ करने लायक (Foods to Avoid)
| खाने लायक खाद्य पदार्थ | परहेज़ करने लायक खाद्य पदार्थ |
|---|---|
| कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स | जानवरों के अंगों का मांस (जिगर, किडनी) |
| साबुत अनाज (ओट्स, ब्राउन राइस) | लाल मांस (मटन, बीफ़ आदि) |
| चेरी और खट्टे फल | अल्कोहल, विशेष रूप से बीयर |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | शेलफिश और तैलीय मछली |
| मेवे और बीज (नट्स, सीड्स) | शक्कर–युक्त पेय और सोडा |
डॉक्टर से कब संपर्क करें
- यदि जीवनशैली और आहार में बदलाव के बाद भी आपके यूरिक एसिड का स्तर लगातार ऊँचा बना रहता है
- यदि गाउट के तेज़ और बार–बार होने वाले दौरे (joint pain, सूजन, लालिमा) का अनुभव हो
- जोड़ों में लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द, सूजन या चलने–फिरने में मुश्किल हो
ऐसी स्थिति में किसी योग्य डॉक्टर या रूमेटोलॉजिस्ट से मिलकर जाँच कराएँ। ज़रूरत पड़ने पर वे यूरिक एसिड कम करने वाली दवाओं और आगे की उपचार योजना के बारे में मार्गदर्शन दे सकते हैं।
निष्कर्ष
यूरिक एसिड को प्राकृतिक रूप से कम करना नियमित और छोटे–छोटे बदलावों के ज़रिए पूरी तरह संभव है।
- पर्याप्त पानी पीना
- प्यूरीन और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थों को सीमित करना
- विटामिन C, कम प्यूरीन वाला पौष्टिक भोजन और स्वस्थ वजन बनाए रखना
इन आदतों को रोज़मर्रा की दिनचर्या में शामिल करने से न केवल यूरिक एसिड नियंत्रित रहने में मदद मिलेगी, बल्कि गाउट, किडनी स्टोन और जोड़ों की अन्य समस्याओं के जोखिम भी कम हो सकते हैं।
आज से ही इन कदमों की शुरुआत करें और लंबे समय तक बेहतर सेहत और कम दर्द वाले जीवन का अनुभव करें।


