स्वास्थ्य

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कमला हैरिस और जो बाइडन का पल

ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में बाइडेन–हैरिस की प्रतिक्रिया: बॉडी लैंग्वेज क्या कहती है?

20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस एक साथ बैठे दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान दोनों ने संयमित और औपचारिक रवैया बनाए रखा।
समारोह के एक हिस्से में ट्रंप ने पुराने घटनाक्रम का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि बाइडेन “घर में एक साधारण संकट तक संभाल नहीं पाए।” इस कथन के बाद, बाइडेन और हैरिस ने ताली बजाने से परहेज़ किया। उसी समय बाइडेन हल्का सा झुककर हैरिस से कुछ संक्षिप्त बातें करते दिखे।
हालाँकि उनकी इस फुसफुसाहट भरी बातचीत की सटीक बात अभी भी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन दोनों की देह–भाषा से लगा कि वे इस टिप्पणी पर एक समान प्रतिक्रिया साझा कर रहे थे।

बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञों की राय

शपथ ग्रहण के दौरान उनकी हरकतों और चेहरे के भावों का विश्लेषण करने वाले बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञों ने कई दिलचस्प बातें नोट कीं:

  • कई मौकों पर दोनों के चेहरों पर “कृत्रिम मुस्कान” दिखाई दी
  • ट्रंप के भाषण के कुछ हिस्सों के दौरान, दोनों अंदरूनी गुस्से या खिन्नता से भरे प्रतीत हुए
  • विशेषज्ञों के अनुसार, बाइडेन और हैरिस अपने भावों को नियंत्रित करने की सचेत कोशिश कर रहे थे, ताकि सार्वजनिक रूप से एक संयमित छवि बनी रहे

इन निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि दोनों ने मंच पर बैठे–बैठे भी अपनी भावनाओं को कूटनीतिक ढंग से संभालने की कोशिश की।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कमला हैरिस और जो बाइडन का पल

फुसफुसाती बातचीत पर चुप्पी और अटकलें

जनता और मीडिया में यह जानने की उत्सुकता है कि ठीक उस क्षण बाइडेन ने हैरिस से क्या कहा, जब ट्रंप ने उनकी कथित “नाकाबिलियत” पर तंज कसा। लेकिन:

  1. अब तक बाइडेन या हैरिस की ओर से उस खास बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
  2. इस तरह की महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं के दौरान नेताओं के बीच होने वाली निजी, धीमी आवाज़ में हुई बातचीत अक्सर गोपनीय ही रहती है।
  3. जानकारी के अभाव में, लोगों के पास केवल अनुमान, विश्लेषण और व्याख्या का ही सहारा बचता है।

इस तरह, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में जो बाइडेन और कमला हैरिस की बॉडी लैंग्वेज और उनकी छोटी–सी बातचीत ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों और आम दर्शकों दोनों के लिए अटकलों और चर्चा का एक नया विषय खोल दिया है।