उम्र बढ़ने की चुनौती और एक 117 वर्षीय महिला से मिली बड़ी सीख
उम्र बढ़ने के साथ अक्सर ऐसा लगता है मानो शरीर हर दिन थोड़ा और भारी हो रहा हो। ऊर्जा पहले जैसी नहीं रहती, जोड़ों में दर्द बढ़ सकता है, और रोजमर्रा के छोटे काम भी पहले से ज़्यादा थका देते हैं। जब हम अपने प्रियजनों को इन बदलावों से गुजरते देखते हैं, या खुद अपने शरीर की रफ्तार धीमी पड़ती महसूस करते हैं, तो भविष्य को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
लेकिन 117 वर्ष तक जीवित रहीं एक असाधारण महिला पर किए गए डीएनए अध्ययन ने स्वस्थ उम्र बढ़ने के बारे में बेहद दिलचस्प संकेत दिए हैं। सबसे खास बात यह रही कि शोधकर्ताओं ने एक ऐसे सामान्य भोजन की ओर ध्यान दिलाया, जिसे वह महिला हर दिन खाती थीं। माना गया कि इसी आदत ने उनके गट माइक्रोबायोम को दशकों छोटे व्यक्ति जैसा सक्रिय और संतुलित बनाए रखने में मदद की।
मारिया ब्रान्यास मोरेरा कौन थीं और वैज्ञानिकों ने उनका डीएनए क्यों जांचा?
मारिया ब्रान्यास मोरेरा एक अद्भुत जीवन जीने वाली महिला थीं। उनका निधन 117 वर्ष और 168 दिन की आयु में हुआ, और उस समय उन्हें दुनिया की सबसे उम्रदराज़ सत्यापित जीवित व्यक्ति माना गया था। उनका जन्म अमेरिका में हुआ था, लेकिन उन्होंने जीवन का अधिकांश हिस्सा स्पेन में बिताया। उन्होंने युद्धों, महामारियों और जीवन के अंतिम वर्षों में COVID-19 जैसी कठिन परिस्थितियों का भी सामना किया।
मृत्यु से पहले मारिया ने उदारतापूर्वक अपने रक्त, लार, मूत्र और मल के नमूने वैज्ञानिकों को दिए, ताकि उनके शरीर की गहराई से जांच की जा सके।

बार्सिलोना विश्वविद्यालय के डॉ. मनेल एस्टेलर के नेतृत्व में शोध टीम ने अपने निष्कर्ष Cell Reports Medicine में प्रकाशित किए। वैज्ञानिकों ने मारिया के जीनोम और माइक्रोबायोम की तुलना उसी क्षेत्र की 75 अन्य महिलाओं से की। उद्देश्य कोई चमत्कारी फार्मूला ढूंढना नहीं था, बल्कि यह समझना था कि किन आनुवंशिक और जीवनशैली संबंधी कारकों ने उन्हें अत्यधिक वृद्धावस्था तक भी अपेक्षाकृत स्वस्थ बनाए रखा।
उनके लंबे जीवन के बारे में डीएनए अध्ययन ने क्या बताया?
शोध का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह था कि मारिया के जीन में कुछ ऐसे सुरक्षात्मक वैरिएंट पाए गए, जो सूजन और उम्र से जुड़ी कुछ सामान्य बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते थे। हालांकि, केवल जीन ही पूरी कहानी नहीं बताते।
उनकी जीवनशैली ने भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न तो धूम्रपान किया और न ही शराब पी। वह सामाजिक रूप से सक्रिय रहीं और मेडिटेरेनियन शैली का आहार अपनाती थीं, जिसमें मछली, जैतून का तेल, फल और सब्जियां प्रमुख थे।
फिर भी, एक आदत विशेष रूप से सबसे अधिक ध्यान खींचती है: वह हर दिन सादा दही तीन बार खाती थीं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि उनका गट माइक्रोबायोम एक बहुत कम उम्र के व्यक्ति जैसा दिखाई देता था। उसमें Bifidobacterium जैसे लाभकारी बैक्टीरिया का स्तर अधिक था। ये बैक्टीरिया कम सूजन, बेहतर प्रतिरोधक क्षमता और शरीर की समग्र मजबूती से जुड़े माने जाते हैं। यद्यपि अध्ययन यह सिद्ध नहीं करता कि केवल दही ही इसका कारण था, लेकिन दही में मौजूद लाइव कल्चर ने इस संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो सकता है।
इसके अलावा, उनके आहार, शारीरिक सक्रियता और आनुवंशिक गुणों का संयुक्त प्रभाव भी बहुत मजबूत था। वैज्ञानिकों ने यह भी नोट किया कि उनकी कोशिकाओं में जैविक उम्र बढ़ने की गति, उनकी वास्तविक आयु की तुलना में धीमी प्रतीत होती थी।
स्वस्थ उम्र बढ़ने में दही कैसे मदद कर सकता है? आसान भाषा में समझें
आपने पहले भी प्रोबायोटिक्स और गट हेल्थ के बारे में सुना होगा, लेकिन यह लंबी उम्र से कैसे जुड़ता है, इसे सरल तरीके से समझना जरूरी है।
हमारी आंतों में खरबों बैक्टीरिया रहते हैं, जो केवल पाचन ही नहीं बल्कि इम्युनिटी, मूड, सूजन के स्तर और समग्र स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह बैक्टीरिया समुदाय कम विविध हो सकता है, जिससे थकान, कमजोरी और स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
दही, खासकर वह जिसमें लाइव और एक्टिव कल्चर हों, सीधे शरीर को लाभकारी बैक्टीरिया उपलब्ध कराता है। मारिया के मामले में, रोज़ाना दही का सेवन उनके माइक्रोबायोम को विविध और संतुलित बनाए रखने में सहायक दिखा।

गट हेल्थ पर किए गए अन्य अध्ययनों से भी पता चलता है कि ऐसे आहार, जो लाभकारी बैक्टीरिया को समर्थन देते हैं, वे स्वस्थ उम्र बढ़ने के बेहतर संकेतकों से जुड़े होते हैं।
फिर भी यह याद रखना जरूरी है कि कोई एक खाद्य पदार्थ अकेले चमत्कार नहीं करता। मारिया का दही सेवन उनके संपूर्ण संतुलित जीवन का सिर्फ एक हिस्सा था।
117 वर्ष तक पहुंचने में उनकी अन्य आदतों की क्या भूमिका रही?
मारिया की कहानी केवल दही तक सीमित नहीं है। शोध में कई और जीवनशैली संबंधी पहलू सामने आए, जो उनके लंबे और स्वस्थ जीवन का आधार बने।
- रोजाना शारीरिक गतिविधि: वह जितना संभव हो उतनी देर तक सक्रिय रहीं, जिससे हृदय स्वास्थ्य और मांसपेशियों की ताकत को सहारा मिला।
- मजबूत सामाजिक संबंध: परिवार और मित्रों से जुड़े रहना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहा।
- मेडिटेरेनियन आहार पैटर्न: मछली, जैतून का तेल, फल और सब्जियों से भरपूर भोजन ने सूजन कम करने वाले पोषक तत्व दिए।
- धूम्रपान और शराब से दूरी: इससे शरीर पर अतिरिक्त ऑक्सीडेटिव तनाव कम रहा।
दही के साथ मिलकर इन आदतों ने उनके शरीर को लंबे समय तक अधिक सक्षम और लचीला बनाए रखा।
बेहतर गट हेल्थ के लिए अपनी दिनचर्या में दही कैसे शामिल करें
यदि आप भी दही को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहते हैं, तो शुरुआत आसान तरीके से की जा सकती है।
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सादा दही चुनें
लेबल पर देखें कि उसमें live cultures या विशिष्ट बैक्टीरियल स्ट्रेन जैसे Lactobacillus और Streptococcus thermophilus का उल्लेख हो। -
धीरे शुरुआत करें
यदि आप नियमित रूप से दही नहीं खाते, तो पहले दिन में एक सर्विंग लें। लगभग 150 से 200 ग्राम पर्याप्त है। इसे सुबह ताजे फलों या थोड़े मेवों के साथ खाया जा सकता है। -
धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं
शरीर की प्रतिक्रिया अच्छी रहे तो दिन में दो से तीन सर्विंग तक जा सकते हैं। उदाहरण के लिए:- एक नाश्ते में
- एक शाम के हल्के नाश्ते में
- एक रात के खाने के साथ
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मीठे विकल्पों से बचें
अधिक चीनी वाले फ्लेवर्ड दही की जगह सादा दही बेहतर रहता है, क्योंकि अतिरिक्त चीनी लाभ कम कर सकती है। -
फाइबर के साथ लें
दही को बेरीज़, ओट्स या बीजों के साथ लेने से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को और बेहतर पोषण मिलता है।
ये छोटे बदलाव अपनाना आसान हैं और अधिकांश लोगों की दिनचर्या तथा बजट में फिट हो सकते हैं।
रोजाना उपयोग के लिए सही दही कैसे चुनें
हर दही समान नहीं होता। यदि आप स्वस्थ उम्र बढ़ने के समर्थन के लिए बेहतर विकल्प चुनना चाहते हैं, तो यह तुलना मदद कर सकती है:
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सादा ग्रीक दही
- लाइव कल्चर: आमतौर पर होते हैं, लेबल जांचें
- शुगर स्तर: कम
- उपयोगिता: बहुत अच्छा
- फायदा: अधिक प्रोटीन, गाढ़ी बनावट
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सादा सामान्य दही
- लाइव कल्चर: अक्सर होते हैं
- शुगर स्तर: कम
- उपयोगिता: बहुत अच्छा
- फायदा: रोजाना सेवन के लिए किफायती
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फ्लेवर्ड दही
- लाइव कल्चर: कभी-कभी
- शुगर स्तर: अक्सर अधिक
- उपयोगिता: कम उपयुक्त
- नुकसान: अतिरिक्त चीनी संभावित लाभ घटा सकती है
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प्लांट-बेस्ड दही
- लाइव कल्चर: लेबल देखकर चुनें
- शुगर स्तर: अलग-अलग
- उपयोगिता: अच्छा, यदि कल्चर्ड हो
- फायदा: डेयरी से परहेज़ करने वालों के लिए विकल्प

यदि आप मारिया जैसी आदत अपनाना चाहते हैं, तो सादा और लाइव कल्चर वाला दही चुनना सबसे समझदारी भरा विकल्प होगा।
आपकी स्वस्थ उम्र बढ़ने की यात्रा के लिए इसका क्या अर्थ है?
मारिया की कहानी यह स्पष्ट करती है कि लंबी उम्र अक्सर किसी जटिल या महंगे उपाय से नहीं, बल्कि रोजाना किए जाने वाले सरल और लगातार चुनावों से बनती है। हम उनके जीन तो नहीं अपना सकते, लेकिन उन आदतों को जरूर अपना सकते हैं जो शरीर की स्वाभाविक मजबूती को बढ़ावा देती हैं।
दही से जुड़ी यह खोज इस बढ़ते वैज्ञानिक प्रमाण को मजबूत करती है कि आहार के माध्यम से गट माइक्रोबायोम को पोषण देना, उम्र बढ़ने की गुणवत्ता पर अर्थपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
यह रातोंरात बदलाव की बात नहीं है। असली फर्क छोटे-छोटे कदमों से पड़ता है, जिन्हें हम लंबे समय तक निभा सकें।
दही और लंबी उम्र से जुड़े सामान्य प्रश्न
क्या दही खाने से सच में लंबी उम्र मिल सकती है?
मारिया ब्रान्यास मोरेरा पर हुआ अध्ययन यह संकेत देता है कि नियमित दही सेवन से गट माइक्रोबायोम बेहतर रह सकता है, और यह स्वस्थ उम्र बढ़ने से जुड़ा हुआ है। लेकिन दही अकेले लंबी उम्र की गारंटी नहीं देता। इसे एक बड़े जीवनशैली ढांचे का हिस्सा समझना चाहिए।
मारिया रोज़ किस तरह का दही खाती थीं?
वह सादा दही दिन में तीन बार खाती थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि उसमें मौजूद जीवित बैक्टीरियल कल्चर ने उनकी आंतों के बैक्टीरिया को संतुलित और विविध बनाए रखने में मदद की।
क्या मुझे भी तुरंत दिन में तीन बार दही खाना शुरू कर देना चाहिए?
एकदम से ऐसा करना जरूरी नहीं है। पहले दिन में एक या दो सर्विंग से शुरुआत करें और देखें कि आपका शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है। संतुलित आहार के साथ इसे शामिल करें। यदि आपको पाचन से जुड़ी कोई समस्या है, तो पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
निष्कर्ष: एक प्रेरक जीवन से मिली व्यावहारिक सीख
मारिया ब्रान्यास मोरेरा पर हुआ डीएनए अध्ययन यह दिखाता है कि आनुवंशिकी, आहार और दैनिक आदतें मिलकर बहुत लंबे और अपेक्षाकृत स्वस्थ जीवन का आधार बन सकती हैं। उनकी सादा दही खाने की आदत एक ऐसी सरल और सुलभ बात है, जिस पर बहुत से लोग विचार कर सकते हैं।
पौष्टिक भोजन चुनना, सक्रिय रहना और मजबूत सामाजिक संबंध बनाए रखना — ये तीनों मिलकर स्वस्थ उम्र बढ़ने की दिशा में वास्तविक कदम बन सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। अपने आहार या जीवनशैली में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले, विशेषकर यदि आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। अलग-अलग लोगों में परिणाम भिन्न हो सकते हैं।


