क्या आप भी चिकन के ये 4 हिस्से खाना पसंद करते हैं?
बहुत से लोग चिकन के कुछ खास हिस्सों को स्वाद के कारण बेहद पसंद करते हैं, जबकि उन्हें इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होता कि ये भाग स्वास्थ्य के लिए कम सुरक्षित हो सकते हैं। नीचे दिए गए 4 हिस्से अक्सर लोग चाव से खाते हैं, लेकिन इन्हें खाने से पहले उनके जोखिमों को समझना ज़रूरी है।
1. चिकन की गर्दन (Chicken Neck)
चिकन की गर्दन का हिस्सा अक्सर लोगों की पसंदीदा लिस्ट में होता है, खासकर उसकी कुरकुरी त्वचा (स्किन) की वजह से।
लेकिन कम लोग यह जानते हैं कि गर्दन के हिस्से में काफी संख्या में लिम्फ नोड्स पाए जाते हैं।
- लिम्फ नोड्स चिकन के शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली का हिस्सा होते हैं।
- इनका काम शरीर से बैक्टीरिया, वायरस और तरह-तरह के विषाक्त (टॉक्सिक) पदार्थों को छानना और रोकना होता है।
यानी जब आप चिकन की गर्दन खाते हैं, तो आप अनजाने में उन विषैले अवशेषों को भी निगल सकते हैं जो लिम्फ नोड्स के माध्यम से जमा हुए होते हैं।

स्वास्थ्य के लिए सुझाव:
- चिकन की गर्दन का सेवन सीमित मात्रा में करें।
- यदि खाएं भी, तो कोशिश करें कि ऊपरी स्किन (त्वचा) को हटा कर पकाएँ और खाएँ।
2. चिकन का पिछला हिस्सा / पूंछ (Chicken Tail)
चिकन की पूंछ, जिसे कई जगह “फाओ काऊ” भी कहा जाता है, स्वाद और चर्बी की वजह से कई लोगों को बहुत पसंद आती है।
लेकिन यह हिस्सा शरीर का ऐसा भाग है जहाँ:
- तेल ग्रंथियाँ (oil glands) अधिक मात्रा में होती हैं।
- यह शरीर से अपशिष्ट (waste) पदार्थ बाहर निकालने में मदद करने वाला हिस्सा भी होता है।
इसी कारण यह हिस्सा:
- परजीवी (parasites)
- हानिकारक बैक्टीरिया
- और वातावरण से आने वाले टॉक्सिन्स
को आसानी से जमा कर सकता है।
भले ही इसका स्वाद मलाईदार और फैटी हो, लेकिन:
- इसे बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाना सलाहयोग्य नहीं है।
- लम्बे समय तक लगातार सेवन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
3. चिकन का गिज़ार्ड / पोटली (Chicken Gizzard)
चिकन का गिज़ार्ड, जिसे कई लोग “बॉटे” या “पोटली” जैसे नामों से भी जानते हैं, चिकन के पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
- यह वही अंग है जहाँ खाने को पीसा और बारीक किया जाता है, ताकि आगे आसानी से पच सके।
- इसी कारण यह खाने के सीधे संपर्क में रहता है।
इसका नुकसान यह है कि:
- इसमें अक्सर गंदगी, रेत, भोजन के अवशेष और बैक्टीरिया चिपके रह सकते हैं।
- अगर इसे सही तरीके से साफ न किया जाए तो संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
यदि आप गिज़ार्ड खाना पसंद करते हैं, तो ध्यान रखें:
- इसे बहुत अच्छी तरह साफ करें – अंदर की झिल्ली, गंदगी और जमा पदार्थ पूरी तरह हटाएँ।
- पकाते समय पूरी तरह अच्छी तरह पकाएँ – कच्चा या अधपका रहने पर बैक्टीरिया नष्ट नहीं हो पाते।
इस तरह आप स्वाद के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा भी कर सकते हैं।
4. चिकन के फेफड़े (Chicken Lungs)
फेफड़े चिकन के श्वसन तंत्र (respiratory system) का हिस्सा होते हैं और हवा के साथ आने वाले कई प्रकार के सूक्ष्म जीव और प्रदूषक इन्हीं में सबसे पहले पहुँचते हैं।
चिकन के फेफड़ों में अक्सर:
- बैक्टीरिया
- परजीवी
- और विभिन्न प्रकार के पर्यावरणीय टॉक्सिन्स
एकत्रित हो सकते हैं।
भले ही:
- इन्हें तेज़ आँच पर पकाया जाए,
- या ज्यादा देर तक उबाला या भुना जाए,
फिर भी इनमें मौजूद कुछ सूक्ष्म जीव या हानिकारक पदार्थ पूरी तरह नष्ट न होने का जोखिम रहता है।
इसी वजह से:
- कई पोषण विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चिकन साफ करते समय फेफड़ों के हिस्से को निकाल कर फेंक देना बेहतर है और इसे सेवन से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन उसके सभी हिस्से समान रूप से सुरक्षित नहीं होते।
गर्दन, पूंछ, गिज़ार्ड और फेफड़े जैसे हिस्सों में:
- बैक्टीरिया
- परजीवी
- और टॉक्सिन्स
ज्यादा मात्रा में जमा हो सकते हैं।
स्वास्थ्य की दृष्टि से:
- इन हिस्सों का सेवन यथासंभव कम करें,
- अगर खाएँ, तो उन्हें बहुत अच्छी तरह साफ और पूरी तरह पकाकर ही उपयोग करें,
- और रोज़मर्रा के भोजन में चिकन के साफ, कम चर्बी वाले हिस्सों (जैसे ब्रेस्ट, लेग मीट) को प्राथमिकता दें।
सही जानकारी के साथ समझदारी से चुनाव करने पर ही आप चिकन का स्वाद भी ले पाएँगे और अपनी सेहत की रक्षा भी कर सकेंगे।


