सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच अलसी के बीज
- 1 बड़ा चम्मच चिया के बीज
- 1 बड़ा चम्मच तिल
- 1 बड़ा चम्मच कद्दू के बीज
- 1 बड़ा चम्मच कच्चा शहद
बनाने की विधि
1. बीजों को हल्का भूनें
- एक सूखी कड़ाही या तवे पर अलसी, चिया, तिल और कद्दू के बीज डालें।
- बहुत धीमी आँच पर 2–3 मिनट तक चलाते हुए हल्का सा भूनें।
- बीजों की खुशबू आने लगे और रंग ज़रा सा बदल जाए, बस उतना भूनना है।
- इससे स्वाद बेहतर होता है और पाचन भी आसान हो जाता है।
2. शहद के साथ मिलाएँ
- भूने हुए बीजों को एक मिनट के लिए ठंडा होने दें ताकि वे गुनगुने रह जाएँ, बहुत गरम न हों।
- अब कच्चा शहद डालकर अच्छी तरह मिलाएँ, ताकि शहद हर बीज पर अच्छी तरह लिपट जाए।
3. स्टोर करें या तुरंत खाएँ
- तैयार मिश्रण को किसी साफ, सूखे, हवादार बंद डिब्बे में भरकर रखें।
- रोज़ाना लगभग 1 बड़ा चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें।
यह कैसे लाभ पहुँचाता है
आंतों और पाचन के लिए
- इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो मल त्याग को नियमित रखता है और आंतों की सफाई में मदद करता है।
- कच्चे शहद के प्राकृतिक जीवाणुरोधी गुण आंतों में लाभकारी और हानिकारक बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।
जोड़ों और हड्डियों के लिए
- अलसी के बीज में मौजूद ओमेगा–3 वसा, तथा चिया और कद्दू के बीजों में पाए जाने वाले सूजन-रोधी तत्व जोड़ों के दर्द और अकड़न को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और जोड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर करने में योगदान देते हैं।
कब और कैसे खाएँ
- अधिकतम लाभ के लिए इसे सुबह खाली पेट 1 बड़ा चम्मच लें, ताकि पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सके।
- चाहें तो इसे अपने नाश्ते में भी जोड़ सकते हैं:
- ओट्स या दलिया पर छिड़कें
- दही के साथ मिलाएँ
- स्मूदी या शेक में मिलाकर पिएँ


