रात में दिखने वाला यह संकेत, जिसे आप अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, शरीर के असंतुलन की ओर इशारा कर सकता है… जानिए इसे प्राकृतिक तरीके से कैसे संभालें
क्या कभी आप सुबह उठे हैं और पाया है कि तकिया हल्का गीला है, लेकिन वजह समझ नहीं आई? सोते समय मुंह से लार निकलना कई लोगों के लिए असहज या शर्मिंदगी भरा लग सकता है, लेकिन यह वास्तव में काफी आम स्थिति है। अच्छी बात यह है कि हर बार यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। कुछ मामलों में तो यह इस बात का भी संकेत हो सकता है कि शरीर गहरी नींद के उन चरणों में पहुंचा, जो आराम और रिकवरी के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
फिर भी, कभी-कभी रात में लार बहना कुछ आदतों, शारीरिक स्थितियों या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जुड़ा हो सकता है। इसकी वजह समझ लेना न सिर्फ मन को शांत करता है, बल्कि रात की नींद को अधिक आरामदायक बनाने में भी मदद करता है।
😴 रात में लार आने के मुख्य कारण
1. सोने की मुद्रा
यदि आप करवट लेकर या पेट के बल सोते हैं, तो मुंह खुला रहने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में लार मुंह में रुके रहने के बजाय बाहर निकल सकती है। इसके विपरीत, पीठ के बल सोने पर यह समस्या कम देखने को मिलती है।
2. नाक बंद होना
जुकाम, एलर्जी या साइनस की समस्या होने पर नाक से सांस लेना मुश्किल हो सकता है। तब व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है, जिससे रात में लार बनने और बहने की संभावना बढ़ जाती है।
3. लार का अधिक बनना
कुछ लोगों में स्वाभाविक रूप से लार अधिक बनती है। यह खानपान, शरीर में पानी की मात्रा या हार्मोनल बदलावों से भी प्रभावित हो सकता है। सोते समय यह स्थिति और स्पष्ट दिख सकती है।

4. नींद से जुड़ी समस्याएं
कभी-कभी अत्यधिक लार आना स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसे मामलों में सांस लेने का पैटर्न प्रभावित होता है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
5. दवाइयों का असर और न्यूरोलॉजिकल स्थितियां
कुछ दवाएं लार के उत्पादन को बढ़ा सकती हैं या निगलने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसी तरह, कुछ तंत्रिका संबंधी विकार शरीर की सामान्य निगलने की प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं।
🌿 प्राकृतिक उपाय और उपयोगी आदतें
बेहतर सोने की स्थिति अपनाएं
पीठ के बल सोना इस समस्या को कम करने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। इससे मुंह खुला रहने की संभावना कम होती है और लार बाहर नहीं बहती।
नाक की रुकावट कम करें
अगर नाक बंद रहती है, तो सलाइन स्प्रे, भाप लेना या ह्यूमिडिफायर का उपयोग मददगार हो सकता है। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा।
रात के भोजन पर ध्यान दें
सोने से पहले बहुत भारी, तीखा या अत्यधिक तैलीय भोजन करने से बचें। हल्का भोजन पाचन को सहज बनाता है और नींद की गुणवत्ता सुधारता है।
संतुलित हाइड्रेशन बनाए रखें
दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, लेकिन सोने से ठीक पहले बहुत अधिक तरल लेना हर किसी के लिए आरामदायक नहीं होता। संतुलन बनाए रखना बेहतर है।
शरीर के संकेतों को समझें
यदि अचानक बहुत अधिक लार आने लगे, या यह पहले की तुलना में असामान्य रूप से बढ़ जाए, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना समझदारी होगी। इससे किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का पता चल सकता है।
💡 निष्कर्ष
नींद में लार टपकना आमतौर पर कोई गंभीर चिंता की बात नहीं है। अधिकतर मामलों में यह सोने की मुद्रा, मुंह से सांस लेने या नींद की गहराई से जुड़ा एक स्वाभाविक अनुभव होता है। हालांकि, इसके कारणों को समझकर और कुछ आसान आदतें अपनाकर इस असुविधा को काफी हद तक कम किया जा सकता है। थोड़े से बदलाव आपके लिए अधिक आरामदायक नींद और सूखे तकिए वाली सुबहें ला सकते हैं।


