स्वास्थ्य

रात में अत्यधिक लार टपकने के पीछे की 6 स्वास्थ्य समस्याएँ

रात में ज़्यादा लार टपकना (Nocturnal Sialorrhea): किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?

रात के समय तकिये पर लार जमा होना या नींद में लगातार मुंह से पानी बहना केवल हल्की‑फुल्की परेशानी भर नहीं है। कई बार यह किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का लक्षण भी हो सकता है। नीचे 6 संभावित कारण दिए जा रहे हैं, जो रात में अत्यधिक लार टपकने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:


1. स्लीप एपनिया और मुंह से सांस लेना

  • ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) में नींद के दौरान बार‑बार सांस रुकती है। इससे नाक के बजाय मुंह से सांस लेने की आदत बढ़ जाती है, जिसके कारण लार अधिक बनती और बाहर निकलती है।
  • आम लक्षणों में तेज और लगातार खर्राटे, नींद में सांस के लिए हाँफना या घबराहट, और दिन भर अत्यधिक थकान या झपकी आना शामिल हैं।

2. गैस्ट्रोईसोफेजियल रिफ्लक्स डिज़ीज़ (GERD)

  • एसिड रिफ्लक्स होने पर पेट का अम्ल ऊपर भोजन नली तक आ जाता है। इससे लार ग्रंथियाँ ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं और रात के समय लार का उत्पादन बढ़ जाता है।
  • GERD वाले लोगों को अक्सर सीने में जलन, खाना या तरल पदार्थ गले तक लौट कर आना (रिगर्जिटेशन) और मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस होता है।

3. तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार (Neurological Disorders)

  • पार्किंसन रोग, सेरेब्रल पाल्सी, ALS (लू गेहरिग रोग) और स्ट्रोक जैसी स्थितियाँ उन मांसपेशियों को कमजोर कर सकती हैं जो निगलने की प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं।
  • जब निगलने की क्षमता प्रभावित हो जाती है, तो व्यक्ति लार को ठीक से मुंह के अंदर नहीं रोक पाता, परिणामस्वरूप सोते समय मुंह से लार टपकने लगती है।

4. साइनस इंफेक्शन और एलर्जी

  • एलर्जी, बार‑बार जुकाम या साइनस इन्फेक्शन की वजह से नाक लगातार बंद या भरी हुई रह सकती है। नाक से सही सांस न जा पाने पर व्यक्ति मजबूरन मुंह से सांस लेता है।
  • मुंह खुला रहने से लार बाहर निकलने लगती है, खासकर जब आप करवट लेकर सोते हैं।

5. दवाइयों के साइड इफेक्ट

  • कुछ दवाएँ लार के स्राव को बढ़ा सकती हैं या निगलने की क्षमता पर असर डाल सकती हैं।
  • विशेष रूप से कुछ एंटीसाइकोटिक दवाएँ, कुछ प्रकार के एंटीबायोटिक, और कोलीनर्जिक दवाएँ (जो अल्ज़ाइमर या मायस्थीनिया ग्रेविस में दी जाती हैं) रात में अत्यधिक लार टपकने में योगदान दे सकती हैं।

6. दांत और मुँह से जुड़ी समस्याएँ

  • टेढ़े‑मेढ़े या गलत जगह पर निकले दांत, मसूड़ों की बीमारी, ठीक से फिट न होने वाले नकली दांत (डेंचर) या ओवरबाइट जैसी स्थिति में होंठ पूरी तरह बंद नहीं हो पाते, जिससे लार बाहर निकलने लगती है।
  • खराब ओरल हाइजीन या मुँह की बार‑बार होने वाली सूजन/इन्फेक्शन भी शरीर को अधिक लार बनाने के लिए प्रेरित कर सकती है, ताकि वह बैक्टीरिया से लड़ सके।

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि रात में लार टपकना:

  • लंबे समय से लगातार हो रहा हो,
  • बहुत अधिक मात्रा में हो,
  • या इसके साथ अन्य लक्षण भी हों, जैसे
    • निगलने में कठिनाई,
    • तेज खर्राटे या सांस रुकने के एपिसोड,
    • बार‑बार एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन,

तो किसी डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।

रात में अत्यधिक लार टपकने के पीछे की 6 स्वास्थ्य समस्याएँ

संभावित इलाज में शामिल हो सकते हैं:

  • उचित दवाइयाँ (लार कम करने या एसिड रिफ्लक्स नियंत्रित करने के लिए),
  • स्पीच या स्वैलोइंग थेरेपी,
  • स्लीप एपनिया के लिए CPAP मशीन का उपयोग,
  • जीवनशैली में बदलाव, जैसे सोने की मुद्रा बदलना, सिर थोड़ा ऊंचा करके सोना, वजन नियंत्रित रखना और धूम्रपान/अल्कोहल से बचना।

कुछ मामलों में, सरल घरेलू उपाय और नींद की आदतों में सुधार से भी रात में लार टपकने की समस्या में काफी राहत मिल सकती है, लेकिन यदि समस्या बनी रहे तो चिकित्सा सलाह अवश्य लें।