बर्तनों के हैंडल में बने गोल छेद का असली काम क्या है?
ज्यादातर लोग मानते हैं कि कड़ाही, पतीली या पैन के हैंडल पर बना गोल छेद सिर्फ उन्हें टांगने के लिए होता है। यह बात सही तो है, लेकिन पूरी नहीं है।
हम रोज़मर्रा में कई चीज़ें इस्तेमाल करते हैं, उन्हें देखते भी रहते हैं, फिर भी उनके सभी उपयोगों के बारे में नहीं जानते। इन्हीं में से एक है – बर्तन के हैंडल पर बना छोटा सा गोल छेद।
किसी से भी पूछिए कि यह छेद किस काम आता है, तो लगभग 90% लोग यही कहेंगे:
“बर्तन को हुक पर लटकाने के लिए।”
लेकिन इस छोटे से छेद की एक और बहुत ही उपयोगी और स्मार्ट भूमिका भी है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं।

सिर्फ टांगने के लिए नहीं, खाना बनाते समय भी बहुत काम आता है
इन गोल छेदों को निर्माता केवल लटकाने के लिए ही नहीं, बल्कि खाना बनाते समय कड़छी, चम्मच, चॉपस्टिक आदि को टिकाने के लिए भी डिज़ाइन करते हैं।
जब आप पकाते-पकाते बीच में कुछ और काम करना चाहें – जैसे सब्जी काटना, नमक लेना, गैस की आँच कम–ज़्यादा करना – तो अक्सर यह समस्या होती है कि गरम कड़छी या चम्मच को कहाँ रखें ताकि गैस गंदी न हो और बर्तन के ढक्कन पर भी न रखना पड़े।
यहीं पर हैंडल का यह गोल छेद काम आता है।
आप बस:
- कड़छी, चम्मच या चॉपस्टिक के हैंडल वाला सिरा
- बर्तन के हैंडल में बने गोल छेद के अंदर से गुजार दीजिए
इस तरह चम्मच या कड़छी का हैंडल छेद में फँस जाता है, और उसका दूसरा सिरा बर्तन के अंदर या किनारे पर टिका रहता है।
नतीजा:
- चूल्हा / गैस साफ रहती है
- चम्मच-कड़छी कहीं इधर-उधर नहीं गिरती
- आप आराम से हाथ खाली करके दूसरा काम कर सकते हैं
इस तरीके से कैसे इस्तेमाल करें?
बिल्कुल आसान है:
- खाना पकाते समय कड़छी या चम्मच से चलाने के बाद
- उसके हैंडल को बर्तन के हैंडल पर बने छेद में ऊपर से या साइड से डालें
- चम्मच का दूसरा सिरा स्वतः ही बर्तन के ऊपर टिका रहेगा
इससे:
- चम्मच पर लगा सॉस, करी या सूप सीधे बर्तन में ही टपकेगा
- रसोई की स्लैब और गैस स्टोव गंदे नहीं होंगे
- चम्मच हमेशा हाथ के पास और साफ जगह पर रहेगा
निष्कर्ष
कड़ाही या पैन के हैंडल पर बने गोल छेद:
- हुक पर टाँगने के लिए तो हैं ही
- साथ ही कड़छी, चम्मच, चॉपस्टिक आदि को टिकाकर रखने का भी बेहतरीन, साफ-सुथरा और सुविधाजनक तरीका हैं
अगली बार जब आप खाना पकाएँ, तो हैंडल के इस छोटे से छेद को सिर्फ सजावट या टांगने की जगह न समझें, बल्कि उसे कड़छी-स्टैंड की तरह इस्तेमाल करके देखिए – फर्क खुद महसूस होगा।


