सामग्री
- 1 हरा सेब
- 1 खीरा
- 1–2 डंठल सेलरी
- एक मुٹ्ठी पालक या केल की पत्तियाँ
- 1 नींबू (केवल रस)
- थोड़ा सा ताज़ा अदरक (छोटा टुकड़ा)
- 1 कप पानी (वैकल्पिक, गाढ़ापन समायोजित करने के लिए)
बनाने की विधि
- सभी सब्ज़ियों और फलों को अच्छी तरह बहते पानी में धो लें।
- खीरे, सेब और सेलरी को छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि उन्हें ब्लेंड करना आसान हो जाए।
- ब्लेंडर (या यदि हो तो जूसर) में सेब, खीरा, सेलरी, पालक/केल, अदरक और नींबू का रस डालें।
- सब कुछ अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक मिश्रण एकसार न हो जाए।
- यदि जूस आपको बहुत गाढ़ा लगे, तो थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर मनचाही गाढ़ापन तक पतला करें।
- अगर आप अधिक मुलायम और बिना रेशों वाला जूस पसंद करते हैं, तो मिश्रण को छलनी या मलमल के कपड़े से छान लें।
- तैयार जूस को ग्लास में डालें और तुरंत ताज़ा ही पी लें।
पाचन और आंतों के लिए संभावित लाभ
यह हरा जूस फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सामग्री से बनाया जाता है, जो:
- पाचन तंत्र को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं
- आंतों की सफाई और नियमितता को सहारा दे सकते हैं
- शरीर को हल्का और ऊर्जावान महसूस कराने में योगदान दे सकते हैं
बेहतर परिणाम के लिए इस जूस को सुबह खाली पेट पीना लाभदायक माना जा सकता है।
महत्वपूर्ण नोट
- यह पेय किसी भी तरह की चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं है।
- यदि आपको पाचन, आंतों या कोलन से जुड़ी कोई गंभीर परेशानी है, तो अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


