स्वास्थ्य

इस सरल नुस्खे से अपने दाँतों से टार्टर हटाएँ और उन्हें सफेद करें।

दांतों पर टार्टर क्यों जमता है और इसे घर पर कैसे हटाएं

बहुत से लोगों में दांतों पर टार्टर (जमा हुआ प्लाक) बनने का मुख्य कारण गलत या अधूरी ओरल हाइजीन होता है। इसके साथ ही ज़्यादा नमक, प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) और चिपचिपे खाने की आदतें भी टार्टर के लिए आदर्श परिस्थिति बना देती हैं।
यहाँ हम एक आसान घरेलू तरीका बता रहे हैं, जिसकी मदद से आप दांतों से टार्टर कम कर सकते हैं और उन्हें स्वाभाविक रूप से सफेद बना सकते हैं, बिना दंत चिकित्सक के महंगे उपचारों पर बहुत पैसा खर्च किए।


टार्टर क्या है और दांतों पर कैसे बनता है?

टार्टर दरअसल सख्त हो चुका बैक्टीरियल प्लाक होता है, जो दांतों की सतह पर जम जाता है और धीरे‑धीरे मसूड़ों के नीचे तक पहुँच सकता है। लंबे समय तक ध्यान न देने पर यह मसूड़ों की सूजन, खून आना और पीरियोडॉन्टल (मसूड़ों की) बीमारियों का कारण बन सकता है।

टार्टर के दो मुख्य प्रकार

  1. सुप्राजिंजाइवल टार्टर
    यह वह टार्टर है जो दांतों की ऊपरी सतह और मसूड़ों की सीमा (गम लाइन) के ऊपर दिखाई देता है।

    इस सरल नुस्खे से अपने दाँतों से टार्टर हटाएँ और उन्हें सफेद करें।
  2. सबजिंजाइवल टार्टर
    यह मसूड़ों की रेखा के नीचे जमा होता है और मसूड़ों में गहरी जेबें (पीरियोडॉन्टल पॉकेट्स) बना सकता है, जो आगे चलकर गंभीर मसूड़ा रोग में बदल सकता है।


दांतों से टार्टर हटाने के घरेलू उपाय

घरेलू उपायों की मदद से आप शुरुआती स्तर के टार्टर और प्लाक को कम कर सकते हैं, साथ‑साथ भविष्य में जमाव को भी कुछ हद तक रोक सकते हैं।
ध्यान रहे: यदि टार्टर बहुत ज़्यादा है या मसूड़े सूज गए हैं, तो दंत चिकित्सक से जाँच कराना ज़रूरी है।


रोज़ाना की ओरल हाइजीन: सबसे ज़रूरी कदम

टार्टर से बचाव और उसे कम करने के लिए सबसे अहम बात है कि आपकी दैनिक मौखिक स्वच्छता बिल्कुल सही हो। इसके लिए इन बातों का पालन करें:

  1. हर भोजन के बाद दांत ब्रश करें

    • मध्यम कठोर (medium) ब्रिसल वाले टूथब्रश का उपयोग करें।
    • फ्लोराइड युक्त अच्छी गुणवत्ता वाले टूथपेस्ट से कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें।
  2. रोज़ कम से कम एक बार फ्लॉस करें

    • सिर्फ ब्रश करना पर्याप्त नहीं है, दांतों के बीच फंसे प्लाक और खाद्य कणों को निकालने के लिए डेंटल फ्लॉस ज़रूरी है।
    • रात को सोने से पहले फ्लॉस करना आदर्श माना जाता है।
  3. माउथवॉश का इस्तेमाल करें

    • एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश मुंह के उन हिस्सों तक पहुँच सकता है जहाँ ब्रश आसानी से नहीं पहुंच पाता।
    • ध्यान रखें, माउथवॉश ब्रशिंग और फ्लॉस की जगह नहीं लेता, बल्कि उनकी सफाई को और प्रभावी बनाता है।
  4. डेंटल इरिगेटर (वॉटर फ्लॉसर) का उपयोग

    • पानी की तेज धार से दांतों के बीच और मसूड़ों की रेखा के नीचे जमा कणों को हटाने में मदद मिलती है।
    • ब्रेसेज़ या तिरछे दांतों वाले लोगों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।

बेकिंग सोडा से टार्टर कम करने का तरीका

बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) दांतों पर जमी हल्की परत और दाग को हटाने में मदद कर सकता है और मुँह के pH को संतुलित रखता है।

कैसे करें प्रयोग:

  • दो भाग बेकिंग सोडा और एक भाग नमक लें।
  • इसमें थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।
  • टूथब्रश को इस मिश्रण में डुबोकर उन जगहों पर हल्के हाथ से लगाएँ जहाँ टार्टर अधिक दिखता है।
  • 1–2 मिनट तक हल्के गोलाकार गति से ब्रश करें और फिर अच्छी तरह से कुल्ला कर लें।

महत्वपूर्ण सावधानियाँ:

  • बेकिंग सोडा दांतों के लिए हल्का अब्रसिव (घर्षणकारी) हो सकता है, इसलिए सप्ताह में 1–2 बार से अधिक उपयोग न करें।
  • प्रयोग के बाद मुंह को बहुत अच्छी तरह से धोना ज़रूरी है, ताकि कोई अवशेष दांतों की सतह पर न रह जाए, वरना लंबे समय तक संपर्क से एनामेल को नुकसान हो सकता है।
  • यदि संभव हो, कुल्ला करने के लिए डेंटल इरिगेटर या ज़्यादा पानी का इस्तेमाल करें।

नींबू का रस: बैक्टीरिया के लिए तेज़, दांतों के लिए सावधानी के साथ

नींबू में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया को कम करने और सांस को ताज़ा करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन इसकी तेज़ अम्लीयता (acidity) दांतों की परत को नुकसान भी पहुंचा सकती है, इसलिए बेहद सावधानी आवश्यक है।

उपयोग का तरीका:

  • आधे नींबू का रस निकालकर लगभग 150 मि.ली. पानी में मिलाएँ।
  • इस घोल से 30–40 सेकंड तक माउथवॉश की तरह कुल्ला करें।
  • इसके तुरंत बाद सादा पानी से मुंह कई बार अच्छी तरह साफ करें।

ध्यान देने वाली बातें:

  • नींबू का रस कभी भी सीधे, बिना पानी में मिलाए, दांतों पर न लगाएँ।
  • सप्ताह में 1 बार से ज़्यादा इसका उपयोग न करें, ताकि एनामेल सुरक्षित रहे।
  • नींबू उपयोग करने के बाद दांत तुरंत ब्रश न करें; कम से कम 30 मिनट बाद ब्रश करें, वरना नरम हुए एनामेल को घर्षण से और नुकसान हो सकता है।

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड से कुल्ला

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड (Hydrogen Peroxide) हल्के एंटीसेप्टिक के रूप में काम करता है। यह मुंह में बैक्टीरिया की मात्रा को कम करने और शुरुआती प्लाक को तोड़ने में मदद कर सकता है।

कैसे उपयोग करें:

  • लगभग 100 मि.ली. पानी में 30 मि.ली. हाइड्रोजन पेरॉक्साइड (3% का मेडिकल ग्रेड सॉल्यूशन) मिलाएँ।
  • इस मिश्रण को मुंह में 30 सेकंड से 1 मिनट तक घुमाएँ।
  • इसके बाद इसे थूक दें (निगलें नहीं) और सादा पानी से मुंह बहुत अच्छी तरह कुल्ला करें।

सावधानियाँ:

  • इसे रोज़ उपयोग न करें; सप्ताह में 1–2 बार पर्याप्त है।
  • यदि मुंह में जलन या किसी प्रकार की एलर्जिक प्रतिक्रिया महसूस हो, तो तुरंत उपयोग बंद कर दें।
  • बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना उपयोग न करें।

टार्टर जमने के प्रमुख कारण

दांतों पर टार्टर और प्लाक बार‑बार बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • गलत या अधूरी ओरल हाइजीन
    दिन में दो बार ब्रश न करना, फ्लॉस न करना या जल्दी‑जल्दी ब्रश करना टार्टर जमने की मुख्य वजह है।

  • उम्र बढ़ना
    उम्र के साथ लार (saliva) की गुणवत्ता और मात्रा बदलती है, जिससे कुछ लोगों में टार्टर की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

  • मुंह का सूखापन (Dry mouth)
    लार कम बनने से मुँह की प्राकृतिक सफाई कम हो जाती है और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो जाते हैं।

  • तंबाकू का सेवन
    सिगरेट, बीड़ी, गुटखा आदि न सिर्फ दांतों को पीला करते हैं, बल्कि टार्टर और मसूड़ों की बीमारियों का बड़ा कारण भी हैं।

  • तिरछे या गलत स्थिति वाले दांत
    टेढ़े‑मेढ़े या आपस में बहुत सटे हुए दांतों के बीच सफाई मुश्किल हो जाती है, जहाँ प्लाक और टार्टर जल्दी जमता है।

  • विटामिन C की कमी
    विटामिन C मसूड़ों के लिए महत्वपूर्ण है; इसकी कमी से मसूड़े कमजोर हो जाते हैं और संक्रमण की संभावना बढ़ती है।

  • खराब खान‑पान
    अत्यधिक मीठा, चिपचिपा, अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड, साथ ही फाइबर व ताज़े फल‑सब्ज़ियों की कमी, दांतों पर प्लाक व टार्टर बढ़ा सकती है।


नियमित और सही ओरल हाइजीन, संतुलित आहार और समय‑समय पर दंत चिकित्सक से जांच – ये तीनों मिलकर टार्टर को नियंत्रित रखने और दांतों को स्वाभाविक रूप से साफ व मजबूत रखने में सबसे अधिक प्रभावी होते हैं।